अयोध्या के राम मंदिर में दान चोरी का मामला; SIT ने ACS होम को बंद लिफाफे में सौंपी रिपोर्ट, कई बड़े खुलासे हो सकते, सबकी नजर
Ayodhya Ram Mandir Donation Scam SIT Report Breaking News
Ram Mandir SIT Report: अयोध्या राम जन्मभूमि मंदिर में दान के पैसों और आभूषणों के घपले का मामला लगातार चर्चा में है। वहीं इस गंभीर और संवेदनशील मामले की जांच के लिए गठित 3 सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को सौंप दी है। एसआईटी द्वारा विभिन्न स्तरों पर अब तक की गई जांच की यह प्रारंभिक रिपोर्ट है। यानी यह अंतिम रिपोर्ट नहीं है और मामले की जांच अभी आगे भी जारी रहेगी।
SIT ने ACS होम को बंद लिफाफे में सौंपी रिपोर्ट
रिपोर्ट सौंपे जाने का आधिकारिक वीडियो भी जारी किया गया है, जिसमें कमिश्नर लखनऊ एवं एसआईटी प्रमुख विजय विश्वास पंत टीम के अन्य दो सदस्यों के साथ ACS होम संजय प्रसाद को बंद लिफाफे में रिपोर्ट सौंपते दिख रहे हैं। इससे पहले SIT ने राम मंदिर मामले की जांच को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। सीएम योगी ने इस पूरे मामले में सख्त रुख अपनाया हुआ है और खुद इस पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। बीते दिनों सीएम योगी ने अयोध्या में ही एक कार्यक्रम के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए कहा था कि SIT की जांच पर भरोसा रखिए। एसआईटी दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी।
वीडियो
SIT रिपोर्ट से कई बड़े खुलासे हो सकते
राम जन्मभूमि मंदिर में दान चोरी के मामले में 3 सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने पिछले दिनों में कई स्तरों पर जांच, पूछताछ और दस्तावेजों की पड़ताल की है। ऐसे में माना जा रहा है कि SIT की शुरुआती रिपोर्ट में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं और इस रिपोर्ट के आधार पर बड़ी कार्रवाई की उम्मीद है। मसलन SIT की यह प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार के पास पहुंचने के बाद अब इस पूरे मामले पर आगे की कार्रवाई को लेकर सबकी नजर आ टिकी है। देखना यह होगा कि क्या निकलकर सामने आता है और सरकार द्वारा क्या कार्रवाई की जाती है?
रिपोर्ट सौंपने के बाद एसआईटी प्रमुख का बयान
CM योगी ने कहा था- SIT जांच के बीच अनर्गल न बोलें
19 जून को सीएम योगी ने अयोध्या में कहा था, ''सरकार ने राम मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर SIT जांच बैठाई है। SIT जांच दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेगी। इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए। लेकिन सभी से और सभी पक्षों से अनुरोध है की वो अयोध्या धाम के बारे में कोई भी ऐसी अनर्गल टिप्पणी और बातें न हों। जिससे राम भक्तों की आस्था और भावना आहत हो। सीएम योगी ने कहा था कि अगर किसी के पास कोई सबूत है तो वो एसआईटी को उपलब्ध करा दे। SIT उसकी जांच करेगी।''
योगी बोले थे- 15 दिन और इंतजार कर लें
योगी ने आगे कहा था, ''भगवान राम ने हमें मर्यादा का पाठ पढ़ाया है और मर्यादित रहने का आचरण दिया है। इसी आचरण से हमने 500 सालों तक भगवान राम के स्थान को लेने के लिए संघर्ष किया। जब हमने 500 सालों तक इंतजार किया तो अब 15 दिन और इंतजार कर लें। चिंता मत करें और अयोध्या धाम और राम जन्म भूमि को बदनाम करने वाले लोगों के बहकावे में कतई न आयें। ये लोग कभी नहीं चाहेंगे की अयोध्या का नाम हो। सीएम योगी ने कहा था कि आज दुष्प्रचार कर अयोध्या को अपमानित करने का काम किया जा रहा है।''
अपराधी कोई भी हो वो बचेगा नहीं- योगी
सीएम योगी ने कहा था, ''एसआईटी जांच पूरी होने और रिपोर्ट आने तक कोई भी इस संबंध में बयानबाजी न करे क्योंकि इससे जांच प्रभावित होती है। जांच के बाद किसी पक्ष को जो कहना होगा, SIT उसके लिए तैयार होगी लेकिन अनावश्यक रूप से अभी बयानबाजी करने से बचें। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई अपराधी है और वो कोई भी होगा तो वह बचेगा नहीं, यह सुनिश्चित है।'' योगी जिस वक्त ये बयान दे रहे थे, उस दौरान एसआईटी की टीम भी अयोध्या में मौजूद थी और दान के दस्तावेजों, बैंक जमा रिकॉर्ड और ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों से पूछताछ कर मौके पर जायजा ले रही थी।
राम मंदिर में कैसे हुआ चढ़ावा चोरी?
अयोध्या राम जन्मभूमि मंदिर में दान के पैसों और आभूषणों के घपले को लेकर मामला काफी गरमाया हुआ है। आरोप है कि दान और चढ़ावे में आए करोड़ों रुपये मंदिर में लगे कुछ कर्मचारियों द्वारा ही हेरफेर कर गायब किए गए। इस मामले ने पूरे देश को सकते में ला दिया है। यह मामला सिर्फ मंदिर में दान चोरी का नहीं है बल्कि देश के लोगों की भावना, आस्था और श्रद्धा की भी चोरी है। प्रभु राम पर आस्था रखने वाले करोड़ों हिंदुओं पर आघात है। रिपोर्ट्स के अनुसार, राम मंदिर से चढ़ावे के करोड़ों रुपये गायब किए गए। इसके अलावा श्रद्धालुओं द्वारा दान किए गए सोने, चांदी और हीरे के असली आभूषणों को नकली वस्तुओं से बदल दिया गया।
आरोप- CCTV कैमरों में गड़बड़ी की गई
आरोप है कि दान के पैसों और आभूषणों की सुरक्षा में भारी सेंधमारी की गई। सुरक्षा के लिए जो सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। उनमें जानबूझकर गड़बड़ी की गई। सीसीटीवी कैमरों के साथ छेड़छाड़ की गई थी और पिछले कुछ महीनों के फुटेज डिलीट कर दिए गए थे ताकि चोरी पकड़ी न जा सके। वहीं इस पूरे मामले में मंदिर से जुड़े एक शख्स को गिरफ्तार किया गया है। जिसके पास छापेमारी के दौरान घर से लगभग 10 लाख बरामद हुए हैं। उसने कुछ नकदी को अलमारी में और कुछ को गाय के गोबर के ढेर के नीचे छुपा कर रखा था। अब तक इस मामले में लगभग 2 करोड़ कैश बरामद किया गया है। कई मंदिर कर्मचारी रडार पर हैं। कई करोड़पति हुए, जिन पर जांच की जा रही है।